मौसम बदलने पर होने वाली बीमारियाँ

मौसम में बदलाव का असर सीधे हमारे शरीर पर पड़ता है। कभी अचानक ठंड बढ़ जाती है तो कभी गर्मी या उमस महसूस होने लगती है। ऐसे समय में शरीर को नए मौसम के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है। इसी दौरान हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे कई तरह की बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चे, बुज़ुर्ग और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोग मौसम बदलने पर जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।

मौसम परिवर्तन के दौरान सावधानी बरतकर और कुछ आसान उपाय अपनाकर इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।

मौसम बदलने पर बीमारियाँ क्यों होती हैं?

मौसम बदलने पर वातावरण में नमी, तापमान और हवा की गुणवत्ता में बदलाव आता है। इसका सीधा असर शरीर की इम्यूनिटी पर पड़ता है। शरीर को नए मौसम के अनुसार खुद को एडजस्ट करने में समय लगता है और इसी दौरान वायरस व बैक्टीरिया जल्दी असर दिखाने लगते हैं।

मौसम बदलने पर बीमार होने के मुख्य कारण:

  • इम्यून सिस्टम का कमजोर होना
  • तापमान में अचानक बदलाव
  • हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया
  • नमी और प्रदूषण
  • खानपान और दिनचर्या में बदलाव

मौसम बदलने पर होने वाली आम बीमारियाँ

मौसम के बदलाव के साथ कुछ बीमारियाँ बहुत आम हो जाती हैं, जिन पर समय रहते ध्यान देना ज़रूरी है।

आम बीमारियाँ:

  • सर्दी और खांसी
  • वायरल बुखार
  • फ्लू
  • गले में खराश
  • सिरदर्द
  • एलर्जी
  • सांस से जुड़ी समस्याएँ
  • पेट संक्रमण

ये बीमारियाँ आमतौर पर हल्की होती हैं, लेकिन लापरवाही करने पर गंभीर रूप भी ले सकती हैं।

सर्दी, खांसी और फ्लू

मौसम बदलने पर सबसे ज़्यादा सर्दी, खांसी और फ्लू की शिकायत होती है। ठंडी हवा, अचानक ठंड या गर्मी लगना और गीले कपड़ों में रहना इसकी वजह बन सकता है।

सामान्य लक्षण:

  • नाक बहना या बंद होना
  • गले में खराश
  • खांसी
  • हल्का या तेज़ बुखार
  • शरीर में दर्द

समय पर आराम और देखभाल न करने पर यह समस्या लंबे समय तक रह सकती है।

वायरल बुखार और संक्रमण

मौसम बदलते समय वायरल संक्रमण तेज़ी से फैलते हैं। वायरल बुखार बच्चों और बुज़ुर्गों में ज़्यादा देखा जाता है।

वायरल बुखार के लक्षण:

  • तेज़ बुखार
  • शरीर और जोड़ों में दर्द
  • थकान
  • सिरदर्द
  • भूख न लगना

इस दौरान शरीर को पूरा आराम और पर्याप्त तरल पदार्थ की ज़रूरत होती है।

Man experiencing cold and cough during seasonal change

सर्दी और खांसी, जो मौसम बदलने पर होने वाली बीमारियों और उनके लक्षणों को दर्शाता है।

एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्याएँ

मौसम में बदलाव के साथ धूल, पराग कण और प्रदूषण बढ़ जाता है, जिससे एलर्जी की समस्या हो सकती है। जिन लोगों को अस्थमा या सांस की बीमारी होती है, उन्हें इस समय ज़्यादा सावधानी रखनी चाहिए।

एलर्जी के लक्षण:

  • छींक आना
  • आंखों में जलन
  • नाक से पानी आना
  • सांस लेने में परेशानी
  • सीने में जकड़न

मौसम बदलने पर पेट से जुड़ी समस्याएँ

मौसम परिवर्तन के दौरान पानी और खाने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे पेट से जुड़ी बीमारियाँ हो सकती हैं।

पेट की आम समस्याएँ:

  • दस्त
  • उल्टी
  • पेट दर्द
  • फूड पॉइजनिंग

इससे बचने के लिए साफ पानी पीना और ताज़ा खाना बहुत ज़रूरी है।

मौसम बदलने पर बीमारियों से बचाव के उपाय

कुछ आसान सावधानियाँ अपनाकर मौसम बदलने पर होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।

बचाव के उपाय:

  • संतुलित और पौष्टिक आहार लें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ
  • मौसम के अनुसार कपड़े पहनें
  • बाहर से आने के बाद हाथ धोएँ
  • भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें
  • पर्याप्त नींद लें
  • रोज़ाना हल्का व्यायाम करें

इम्यूनिटी मजबूत रखना क्यों ज़रूरी है?

मजबूत इम्यूनिटी शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देती है। मौसम बदलने पर अगर इम्यून सिस्टम मजबूत हो, तो बीमार होने का खतरा काफी कम हो जाता है।

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए:

  • फल और सब्ज़ियाँ खाएँ
  • विटामिन C युक्त आहार लें
  • पर्याप्त नींद लें
  • तनाव से दूर रहें
  • धूम्रपान और शराब से बचें

बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष ध्यान

बच्चों और बुज़ुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है, इसलिए मौसम बदलने पर इन्हें विशेष देखभाल की ज़रूरत होती है।

ध्यान रखने योग्य बातें:

  • बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएँ
  • बुज़ुर्गों को ठंडी हवा से बचाएँ
  • समय पर दवाइयाँ और पोषण दें
  • किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर मौसम बदलने पर:

  • बुखार 2–3 दिन से ज़्यादा रहे
  • सांस लेने में दिक्कत हो
  • लगातार खांसी या सीने में दर्द हो
  • बच्चों या बुज़ुर्गों की हालत बिगड़ने लगे

तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

सावधानी ही सबसे अच्छा इलाज

मौसम बदलना प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी आपको कई बीमारियों से बचा सकती है। अपने शरीर के संकेतों को समझें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

मौसम बदलने पर बार-बार बीमार पड़ रहे हैं? Prakash Hospital में अनुभवी डॉक्टरों से सही सलाह और इलाज लेकर खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रखें।

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