
किडनी की संरचना का चित्रण, जो किडनी रोग के शुरुआती लक्षणों और जागरूकता को दर्शाता है।
किडनी (Kidney) हमारे शरीर के सबसे ज़रूरी अंगों में से एक है, लेकिन दुर्भाग्य से लोग इसकी सेहत को तब तक गंभीरता से नहीं लेते, जब तक कोई बड़ी समस्या सामने न आ जाए। किडनी की बीमारी अक्सर silent disease कहलाती है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण या तो बहुत हल्के होते हैं या बिल्कुल नज़र नहीं आते।
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी, गलत खानपान, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और खुद से दवा लेने की आदत के कारण भारत में किडनी रोग के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि किडनी क्या काम करती है, किडनी रोग क्यों होता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ कैसे रखा जा सकता है।
मानव शरीर में दो किडनी होती हैं, जो रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर स्थित होती हैं। किडनी का मुख्य काम सिर्फ पेशाब बनाना नहीं है, बल्कि यह शरीर की कई ज़रूरी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करती है।
किडनी के मुख्य कार्य:
अगर किडनी ठीक से काम न करे, तो पूरे शरीर पर इसका असर पड़ता है।
जब किडनी की फ़िल्टर करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है, तो उसे किडनी रोग कहा जाता है। यह समस्या दो प्रकार की हो सकती है:
यह अचानक होने वाली किडनी की खराबी है, जो संक्रमण, दवाओं या गंभीर बीमारी के कारण हो सकती है।
यह धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है, जिसमें किडनी लंबे समय तक खराब होती जाती है। CKD के अंतिम स्टेज में किडनी फेल हो सकती है।
किडनी रोग के शुरुआती लक्षण अक्सर इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें थकान या उम्र का असर समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं:
⚠️ अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अनकंट्रोल्ड ब्लड शुगर किडनी की छोटी रक्त नलिकाओं को नुकसान पहुँचाती है और धीरे-धीरे किडनी फेल्योर की ओर ले जाती है।
लगातार हाई BP किडनी पर दबाव डालता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता कम होने लगती है।
Urinary Tract Infection (UTI) अगर समय पर ठीक न हो, तो किडनी तक फैल सकता है।
Painkillers, कुछ antibiotics और हर्बल दवाओं का लंबे समय तक सेवन किडनी को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।

हाथ में ज़रूरत से ज़्यादा दवाएं पकड़ी हुई, जो दवाओं के अधिक सेवन को दर्शाती हैं।
लंबे समय तक पानी कम पीने से किडनी स्टोन और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
इन लोगों को नियमित किडनी जांच करवानी बेहद ज़रूरी है।
किडनी की सेहत में डाइट का बहुत बड़ा रोल होता है।
नियमित जांच और दवाओं का सही सेवन ज़रूरी है।
30 मिनट की वॉक या योग किडनी के लिए फायदेमंद है।
ये किडनी की रक्त नलिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं।
खासकर painkillers का सेवन सोच-समझकर करें।
नियमित हेल्थ चेक-अप में ये टेस्ट शामिल होने चाहिए:
शुरुआती जांच से किडनी रोग को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
अगर किडनी रोग को समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो आगे चलकर:
की ज़रूरत पड़ सकती है, जो शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। इसलिए रोकथाम ही सबसे बेहतर इलाज है।
Prakash Hospital में किडनी रोग से जुड़ी सभी समस्याओं के लिए:
हमारा उद्देश्य है मरीजों को समय पर सही इलाज देकर गंभीर जटिलताओं से बचाना।
किडनी की सेहत को नज़रअंदाज़ करना भविष्य में गंभीर समस्याओं को न्योता देना है। सही खानपान, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच से किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
आज किडनी का ख्याल रखें, ताकि कल ज़िंदगी बिना डायलिसिस के स्वस्थ रह सके।
We offer expert care across key specialties, including Medicine, Cardiology, Orthopaedics, ENT, Gynaecology, and more—delivering trusted treatment under one roof.
Prakash Hospital Pvt. Ltd. is a 100 bedded NABH NABL accredited multispecialty hospital along with a center of trauma and orthopedics. We are in the service of society since 2001.
OUR SPECIALITIES
Contact Us
D – 12A, 12B, Sector-33, G. B. Nagar, Noida, Uttar Pradesh 201301
+91-8826000033

© 2026 All rights reserved.
Designed and Developed by Zarle Infotech