
खून की जांच के लिए मरीज का ब्लड सैंपल लिया जा रहा है।
एनीमिया, जिसे आम भाषा में खून की कमी कहा जाता है, भारत में एक बहुत ही आम स्वास्थ्य समस्या है। यह समस्या बच्चों, महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों सभी में पाई जाती है, लेकिन महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा होता है। एनीमिया को अक्सर लोग मामूली कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि लंबे समय तक इसका इलाज न होने पर यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि एनीमिया क्या है, यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इसका सही इलाज कैसे किया जाता है।
एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कणिकाओं (Red Blood Cells) या हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है। हीमोग्लोबिन का काम शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाना होता है। जब यह कम हो जाता है, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और व्यक्ति को कमजोरी महसूस होने लगती है।
सरल शब्दों में कहा जाए तो, जब खून में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो जाती है, तब उसे एनीमिया कहा जाता है।
एनीमिया के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारण पोषण से जुड़े होते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई मेडिकल कारण हो सकते हैं।
मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
एनीमिया को उसके कारणों के आधार पर कई प्रकारों में बांटा जाता है।
यह एनीमिया का सबसे आम प्रकार है। शरीर में आयरन की कमी के कारण हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता।
विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी से यह एनीमिया होता है।
इसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कणिकाएं नहीं बना पाता।
इसमें लाल रक्त कणिकाएं सामान्य से जल्दी टूटने लगती हैं।
यह एक जेनेटिक बीमारी है, जो जन्म से होती है।
एनीमिया के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरुआत में हल्के हो सकते हैं।
आम लक्षण:
महिलाओं में विशेष लक्षण:
बच्चों में:
एनीमिया की पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट किए जाते हैं। डॉक्टर आमतौर पर निम्न जांच करवाते हैं:
इन रिपोर्ट्स के आधार पर एनीमिया का प्रकार और गंभीरता तय की जाती है।
अगर एनीमिया लंबे समय तक बिना इलाज के रहे, तो यह गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है:
इसलिए एनीमिया को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
एनीमिया का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है।
दवाएं हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लें।
एनीमिया में पोषण की भूमिका बहुत अहम होती है।
आयरन युक्त खाद्य पदार्थ:
विटामिन C युक्त भोजन:
विटामिन C आयरन के अवशोषण में मदद करता है।

ताजे फल और हरी सब्जियां स्वस्थ आहार के रूप में।
अगर आपको:
दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
Prakash Hospital में एनीमिया की सटीक जांच और कारण के अनुसार इलाज की सुविधा उपलब्ध है। यहां अनुभवी डॉक्टरों द्वारा आधुनिक लैब टेस्ट, सही दवाइयों और डाइट गाइडेंस के जरिए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्रदान किए जाते हैं।
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