एनीमिया (खून की कमी) क्या है? कारण, लक्षण और इलाज

Patient getting blood test done.

खून की जांच के लिए मरीज का ब्लड सैंपल लिया जा रहा है।

एनीमिया, जिसे आम भाषा में खून की कमी कहा जाता है, भारत में एक बहुत ही आम स्वास्थ्य समस्या है। यह समस्या बच्चों, महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों सभी में पाई जाती है, लेकिन महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा होता है। एनीमिया को अक्सर लोग मामूली कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि लंबे समय तक इसका इलाज न होने पर यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि एनीमिया क्या है, यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इसका सही इलाज कैसे किया जाता है।

एनीमिया क्या है?

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कणिकाओं (Red Blood Cells) या हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है। हीमोग्लोबिन का काम शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाना होता है। जब यह कम हो जाता है, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और व्यक्ति को कमजोरी महसूस होने लगती है।

सरल शब्दों में कहा जाए तो, जब खून में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो जाती है, तब उसे एनीमिया कहा जाता है।

एनीमिया क्यों होता है? (Causes of Anemia)

एनीमिया के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारण पोषण से जुड़े होते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई मेडिकल कारण हो सकते हैं।

मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

  • आयरन (Iron) की कमी
  • विटामिन B12 या फोलिक एसिड की कमी
  • खून का अधिक बहना, जैसे भारी पीरियड्स
  • गर्भावस्था के दौरान पोषण की कमी
  • पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
  • लंबे समय तक किसी बीमारी से ग्रसित रहना
  • किडनी की बीमारी
  • जेनेटिक कारण, जैसे थैलेसीमिया
  • शरीर में खून का सही तरीके से न बन पाना

एनीमिया के प्रकार

एनीमिया को उसके कारणों के आधार पर कई प्रकारों में बांटा जाता है।

आयरन डिफिशिएंसी एनीमिया

यह एनीमिया का सबसे आम प्रकार है। शरीर में आयरन की कमी के कारण हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता।

विटामिन डिफिशिएंसी एनीमिया

विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी से यह एनीमिया होता है।

एप्लास्टिक एनीमिया

इसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कणिकाएं नहीं बना पाता।

हेमोलिटिक एनीमिया

इसमें लाल रक्त कणिकाएं सामान्य से जल्दी टूटने लगती हैं।

सिकल सेल एनीमिया

यह एक जेनेटिक बीमारी है, जो जन्म से होती है।

एनीमिया के लक्षण (Symptoms of Anemia)

एनीमिया के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरुआत में हल्के हो सकते हैं।

आम लक्षण:

  • लगातार थकान और कमजोरी
  • सांस फूलना
  • चक्कर आना
  • सिरदर्द
  • त्वचा का पीला पड़ना
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • हाथ-पैर ठंडे रहना
  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

महिलाओं में विशेष लक्षण:

  • पीरियड्स के दौरान ज्यादा खून बहना
  • पीरियड्स के बाद अत्यधिक कमजोरी

बच्चों में:

  • पढ़ाई में ध्यान न लगना
  • बार-बार बीमार पड़ना
  • विकास में कमी

एनीमिया की जांच कैसे होती है?

एनीमिया की पुष्टि के लिए ब्लड टेस्ट किए जाते हैं। डॉक्टर आमतौर पर निम्न जांच करवाते हैं:

  • हीमोग्लोबिन लेवल
  • Complete Blood Count (CBC)
  • Serum Iron
  • Vitamin B12 और Folic Acid टेस्ट

इन रिपोर्ट्स के आधार पर एनीमिया का प्रकार और गंभीरता तय की जाती है।

क्या एनीमिया खतरनाक हो सकता है?

अगर एनीमिया लंबे समय तक बिना इलाज के रहे, तो यह गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है:

  • दिल पर अतिरिक्त दबाव
  • गर्भावस्था में जटिलताएं
  • बच्चों में मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा
  • संक्रमण का खतरा बढ़ना

इसलिए एनीमिया को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

एनीमिया का इलाज (Treatment of Anemia)

एनीमिया का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है।

दवाइयां और सप्लीमेंट्स

  • आयरन टैबलेट
  • विटामिन B12 इंजेक्शन या टैबलेट
  • फोलिक एसिड सप्लीमेंट

दवाएं हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही लें।

सही डाइट

एनीमिया में पोषण की भूमिका बहुत अहम होती है।

आयरन युक्त खाद्य पदार्थ:

  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • चुकंदर
  • अनार
  • दालें और बीन्स
  • गुड़

विटामिन C युक्त भोजन:

  • नींबू
  • संतरा
  • आंवला

विटामिन C आयरन के अवशोषण में मदद करता है।

Fresh fruits and green vegetables on table.

ताजे फल और हरी सब्जियां स्वस्थ आहार के रूप में।

एनीमिया में क्या न करें?

  • बिना सलाह सप्लीमेंट लेना
  • चाय या कॉफी ज्यादा पीना
  • लक्षणों को नजरअंदाज करना
  • नियमित जांच न कराना

एनीमिया से बचाव कैसे करें?

  • संतुलित और पोषक आहार लें
  • समय-समय पर खून की जांच कराएं
  • गर्भावस्था में नियमित चेकअप कराएं
  • बच्चों और महिलाओं पर विशेष ध्यान दें

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर आपको:

  • लगातार कमजोरी
  • सांस फूलना
  • चक्कर या बेहोशी
  • बहुत कम हीमोग्लोबिन रिपोर्ट

दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

Prakash Hospital में एनीमिया का इलाज

Prakash Hospital में एनीमिया की सटीक जांच और कारण के अनुसार इलाज की सुविधा उपलब्ध है। यहां अनुभवी डॉक्टरों द्वारा आधुनिक लैब टेस्ट, सही दवाइयों और डाइट गाइडेंस के जरिए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्रदान किए जाते हैं।

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