
एक चित्र में सामान्य पैर और फ्लैट फुट की तुलना दिखाई गई है, जो बच्चों में फ्लैट फुट की समस्या को दर्शाता है।
कई माता-पिता अपने बच्चों के पैरों को देखकर चिंतित हो जाते हैं जब उन्हें तलवे में आर्च (घुमाव) दिखाई नहीं देता। इसे फ्लैट फुट या चपटा पैर कहा जाता है। छोटे बच्चों में यह स्थिति सामान्य हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में यह आगे चलकर दर्द और चलने में समस्या का कारण बन सकती है।
बच्चों में फ्लैट फुट की समस्या को समझना और समय पर पहचानना जरूरी है ताकि भविष्य में घुटनों, टखनों और कमर से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सके।
इस लेख में जानेंगे कि फ्लैट फुट क्या है, इसके कारण क्या हैं, कब चिंता करनी चाहिए और इलाज के क्या विकल्प हैं।
फ्लैट फुट वह स्थिति है जिसमें बच्चे के पैर के तलवे में प्राकृतिक आर्च विकसित नहीं होता। जब बच्चा खड़ा होता है तो पूरा तलवा जमीन को छूता है।
छोटे बच्चों में 5–6 साल की उम्र तक आर्च का पूरी तरह विकसित न होना सामान्य माना जाता है। लेकिन यदि उम्र बढ़ने के बाद भी आर्च न बने या दर्द हो, तो यह चिकित्सकीय जांच का विषय बन जाता है।
• सबसे आम प्रकार
• खड़े होने पर आर्च नहीं दिखता
• बैठने या पैर उठाने पर आर्च दिख सकता है
• आमतौर पर दर्द नहीं होता
• आर्च बिल्कुल नहीं बनता
• पैर में जकड़न
• चलने में दर्द
• चिकित्सा जांच जरूरी
अधिकांश बच्चों में शुरुआत में पैरों में फैट पैड होता है जो आर्च को छिपा देता है। उम्र के साथ यह सामान्य रूप से विकसित हो सकता है।
यदि माता-पिता में फ्लैट फुट है तो बच्चे में होने की संभावना बढ़ जाती है।
कुछ बच्चों में लिगामेंट ज्यादा लचीले होते हैं जिससे आर्च विकसित नहीं हो पाता।
अधिक वजन पैरों पर अतिरिक्त दबाव डालता है जिससे फ्लैट फुट की समस्या बढ़ सकती है।
कुछ दुर्लभ मामलों में मांसपेशियों या नसों की समस्या के कारण भी फ्लैट फुट हो सकता है।
सभी बच्चों में लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ मामलों में निम्न संकेत दिखाई दे सकते हैं:
• टखने के आसपास दर्द
• एड़ी में दर्द
• ज्यादा चलने के बाद असुविधा
• खेलते समय जल्दी बैठ जाना
• लंबी दूरी चलने में परेशानी
• जूते एक तरफ से ज्यादा घिसना
• पैर अंदर की ओर मुड़ना
• असंतुलित चाल
• 6–7 साल की उम्र के बाद भी आर्च न बने
• बच्चे को लगातार दर्द हो
• चलने में कठिनाई हो
• पैर में जकड़न हो
• दोनों पैरों में फर्क दिखाई दे
इन स्थितियों में विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
डॉक्टर बच्चे के पैर की संरचना और चाल का निरीक्षण करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर:
• एक्स-रे
• फुट स्कैन
• गेट एनालिसिस
जांच से यह पता चलता है कि समस्या सामान्य है या इलाज की जरूरत है।
अधिकांश मामलों में इलाज की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन यदि दर्द या समस्या हो तो निम्न उपाय किए जा सकते हैं।
• आर्च सपोर्ट वाले जूते
• ऑर्थोटिक इनसोल
• पैर को सपोर्ट देने वाले फुटवेयर
• टो रेज (पैर की उंगलियों पर खड़ा होना)
• एड़ी उठाना
• टखने की स्ट्रेचिंग
• टॉवेल कर्ल एक्सरसाइज
• संतुलित आहार
• नियमित खेलकूद
• मांसपेशियों को मजबूत करना
• लचीलापन बढ़ाना
बहुत दुर्लभ मामलों में, जब गंभीर दर्द और कठोर फ्लैट फुट हो, तब सर्जरी की सलाह दी जाती है।
यदि लक्षण गंभीर हों और इलाज न किया जाए, तो आगे चलकर:
• घुटने में दर्द
• टखने में सूजन
• कमर दर्द
• चाल में असंतुलन
इसलिए समय पर जांच और सलाह जरूरी है।
• आरामदायक जूते
• सही फिटिंग
• पर्याप्त आर्च सपोर्ट
• दौड़ना
• कूदना
• आउटडोर खेल
• जंक फूड कम
• पौष्टिक आहार
प्रश्न 1: क्या बच्चों में फ्लैट फुट सामान्य है?
हाँ, छोटे बच्चों में यह सामान्य हो सकता है और अक्सर उम्र के साथ ठीक हो जाता है।
प्रश्न 2: क्या फ्लैट फुट हमेशा इलाज की जरूरत होती है?
नहीं। यदि दर्द या समस्या नहीं है तो आमतौर पर इलाज की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 3: क्या फ्लैट फुट से खेलकूद प्रभावित होता है?
हल्के मामलों में नहीं, लेकिन गंभीर दर्द होने पर खेल में परेशानी हो सकती है।
प्रश्न 4: क्या एक्सरसाइज से फ्लैट फुट ठीक हो सकता है?
एक्सरसाइज मांसपेशियों को मजबूत कर सकती है और लक्षणों को कम कर सकती है।
प्रश्न 5: किस उम्र में डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
यदि 6–7 साल के बाद भी आर्च विकसित न हो या दर्द हो, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए।
बच्चों में फ्लैट फुट की समस्या आम है, लेकिन हर मामले में चिंता की जरूरत नहीं होती। सही उम्र तक आर्च का विकास हो सकता है। लेकिन यदि दर्द, जकड़न या चलने में परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
समय पर जांच और सही मार्गदर्शन से बच्चे के पैरों का स्वस्थ विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
यदि आपके बच्चे को फ्लैट फुट या पैरों में दर्द की समस्या है, तो विशेषज्ञ से परामर्श लें। Prakash Hospital में अनुभवी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ और आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां बच्चों की हड्डियों और पैरों की समस्याओं का सुरक्षित और प्रभावी उपचार किया जाता है।
अपने बच्चे के कदम मजबूत बनाएं। सही समय पर सही सलाह लें।
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