
बढ़ती उम्र में हड्डियों की कमजोरी के कारण पीठ दर्द से परेशान बुज़ुर्ग व्यक्ति।
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव आते हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है हड्डियों की मजबूती का धीरे-धीरे कम होना। जवानी में हमारी हड्डियाँ मज़बूत और लचीली होती हैं, लेकिन 30–35 साल के बाद हड्डियों का घनत्व (Bone Density) धीरे-धीरे घटने लगता है। अगर इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह Osteoporosis, फ्रैक्चर और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में बदल सकता है।
भारत में खासतौर पर बुज़ुर्गों और महिलाओं में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेज़ी से बढ़ रही हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि बढ़ती उम्र में हड्डियाँ कमजोर क्यों होती हैं और उन्हें मजबूत रखने के लिए क्या-क्या ज़रूरी कदम उठाने चाहिए।
हड्डियाँ एक जीवित टिशू होती हैं, जो लगातार बनती और टूटती रहती हैं। उम्र के साथ नई हड्डी बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जबकि पुरानी हड्डी टूटने की प्रक्रिया तेज़ हो जाती है।
इसके मुख्य कारण हैं:
इस स्थिति में हड्डियाँ अंदर से खोखली और कमज़ोर हो जाती हैं, जिससे मामूली गिरने पर भी फ्रैक्चर हो सकता है।
यह जोड़ों की बीमारी है, जिसमें घुटनों, कूल्हों और रीढ़ में दर्द और अकड़न होती है।
उम्र बढ़ने पर हड्डियाँ जल्दी टूटने लगती हैं और भरने में भी ज़्यादा समय लगता है।
कैल्शियम हड्डियों का मुख्य घटक है। उम्र बढ़ने पर शरीर कैल्शियम को सही तरह से absorb नहीं कर पाता, जिससे हड्डियाँ कमजोर होने लगती हैं।
*डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।
विटामिन D शरीर में कैल्शियम के absorption में मदद करता है। इसकी कमी भारत में बहुत आम है।
बिना एक्सरसाइज़ के हड्डियाँ कमज़ोर होती जाती हैं। सही एक्सरसाइज़ हड्डियों को मजबूत और लचीला बनाती है।
⚠️ किसी भी नई एक्सरसाइज़ से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
मेनोपॉज़ (Menopause) के बाद महिलाओं में Estrogen hormone कम हो जाता है, जो हड्डियों की सुरक्षा करता है। इसकी कमी से हड्डियाँ तेज़ी से कमजोर होने लगती हैं।
इसलिए 40 की उम्र के बाद महिलाओं को:
Bone Mineral Density (BMD) Test यह बताता है कि आपकी हड्डियाँ कितनी मज़बूत हैं और Osteoporosis का खतरा कितना है।

डॉक्टर मरीज को एक्स-रे रिपोर्ट दिखाकर हड्डियों या अन्य समस्या के बारे में समझाते हुए।
Prakash Hospital में हड्डियों की देखभाल के लिए उपलब्ध हैं:
हमारा उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि आपको लंबे समय तक सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखना है।
बढ़ती उम्र में हड्डियों की मजबूती बनाए रखना संभव है - बस इसके लिए सही जानकारी, नियमित देखभाल और समय पर इलाज ज़रूरी है। हड्डियों को नज़रअंदाज़ करना भविष्य में गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
मज़बूत हड्डियाँ ही स्वस्थ और सक्रिय जीवन की नींव हैं।
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