
यह चित्र एक पुरुष को पीठ दर्द महसूस करते हुए दिखाता है, जो पीठ दर्द के कारण और उससे बचाव के उपाय को दर्शाता है।
आज के समय में पीठ दर्द एक बहुत आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत मुद्रा में उठना-बैठना और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। पहले जहाँ पीठ दर्द बुज़ुर्गों में ज़्यादा देखा जाता था, वहीं अब युवा भी इससे परेशान हो रहे हैं। लगातार बना रहने वाला पीठ दर्द रोज़मर्रा की ज़िंदगी और कामकाज को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इसके कारणों को समझना और समय पर बचाव करना बेहद ज़रूरी है।
पीठ दर्द कभी हल्का होता है और कभी इतना बढ़ जाता है कि चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। सही जानकारी और जीवनशैली में बदलाव करके इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।
पीठ दर्द कई कारणों से हो सकता है। कभी यह मांसपेशियों की कमजोरी से होता है, तो कभी रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या इसका कारण बनती है।
पीठ दर्द के सामान्य कारण:
इन कारणों से रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
गलत पोस्चर पीठ दर्द का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। ऑफिस में लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, मोबाइल या लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल और झुककर चलना रीढ़ पर दबाव डालता है।
गलत मुद्रा से होने वाली समस्याएँ:
सही तरीके से बैठना और बीच-बीच में ब्रेक लेना पीठ दर्द से बचाव में मदद करता है।
शारीरिक गतिविधि न करने से मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं, जिससे पीठ को सही सपोर्ट नहीं मिल पाता। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना पीठ दर्द को बढ़ा सकता है।
शारीरिक गतिविधि की कमी से:
रोज़ाना हल्का व्यायाम और स्ट्रेचिंग पीठ को मजबूत बनाती है।
पीठ दर्द के लक्षण व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करते हैं। कुछ लोगों को हल्का दर्द होता है, जबकि कुछ को तेज़ दर्द महसूस होता है।
आम लक्षण:
अगर दर्द लगातार बना रहे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
पीठ दर्द के शुरुआती स्तर में कुछ घरेलू उपाय काफी राहत दे सकते हैं।
घरेलू उपाय:
इन उपायों को नियमित अपनाने से पीठ दर्द में सुधार हो सकता है।
योग और व्यायाम पीठ दर्द को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और लचीलापन बढ़ाते हैं।
लाभकारी गतिविधियाँ:
हालाँकि, दर्द ज़्यादा होने पर व्यायाम करने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूरी है।

यह चित्र एक महिला को योग करते हुए दिखाता है, जो पीठ दर्द को कम करने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
अधिक वजन होने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे पीठ दर्द बढ़ सकता है। मोटापा कम करने से पीठ दर्द में काफी राहत मिल सकती है।
वजन संतुलित रखने के लिए:
अगर पीठ दर्द:
तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
पीठ दर्द से बचाव के लिए रोज़मर्रा की आदतों में कुछ बदलाव ज़रूरी हैं।
बचाव के तरीके:
रीढ़ को स्वस्थ रखने के लिए सक्रिय और संतुलित जीवनशैली अपनाना ज़रूरी है। शरीर को नियमित रूप से हिलाना, सही खानपान और तनाव से दूर रहना पीठ दर्द के खतरे को कम करता है।
अगर आप लंबे समय से पीठ दर्द से परेशान हैं, तो Prakash Hospital में अनुभवी डॉक्टरों से सही जांच और इलाज कराकर दर्द से राहत पाएँ और सामान्य जीवन जीएँ।
We offer expert care across key specialties, including Medicine, Cardiology, Orthopaedics, ENT, Gynaecology, and more—delivering trusted treatment under one roof.
Prakash Hospital Pvt. Ltd. is a 100 bedded NABH NABL accredited multispecialty hospital along with a center of trauma and orthopedics. We are in the service of society since 2001.
OUR SPECIALITIES
Contact Us
D – 12A, 12B, Sector-33, G. B. Nagar, Noida, Uttar Pradesh 201301
+91-8826000033

© 2026 All rights reserved.
Designed and Developed by Zarle Infotech