
Young child touching their cheek in discomfort, showing signs of tooth pain caused by cavities, infection or poor dental hygiene.
दांत में कीड़ा लगना, जिसे मेडिकल भाषा में Dental Cavity या Dental Caries कहते हैं, दुनिया की सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकती है।
दरअसल इसमें कोई वास्तविक कीड़ा नहीं होता — यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दांत की बाहरी कठोर परत (Enamel) धीरे-धीरे घुलने लगती है और दांत में छेद (Cavity) बन जाता है। अगर समय पर इलाज न हो तो यह दांत की अंदरूनी परतों तक पहुंचकर गंभीर दर्द और संक्रमण का कारण बन सकता है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि दांत में कीड़ा कैसे लगता है, इसके लक्षण क्या हैं, इसका इलाज कैसे होता है और इसे कैसे रोका जा सकता है।
चॉकलेट, टॉफी, बिस्कुट, ब्रेड और मीठे पेय पदार्थ मुंह में सबसे ज्यादा एसिड बनाते हैं। ये दांतों पर चिपके रहते हैं और बैक्टीरिया को पनपने का मौका देते हैं।
अगर खाने के बाद दांत ठीक से साफ न किए जाएं तो खाने के अवशेष दांतों पर जमकर Plaque बनाते हैं, जो कैविटी का मुख्य कारण है।
पानी मुंह को साफ करता है और Saliva बनाने में मदद करता है। Saliva एसिड को बेअसर करता है। कम पानी पीने से कैविटी का खतरा बढ़ता है।
कुछ दवाइयों और बीमारियों से Saliva कम बनता है। Saliva की कमी से दांतों की सुरक्षा कम हो जाती है।
फ्लोराइड दांतों के Enamel को मजबूत बनाता है। फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट न इस्तेमाल करने से कैविटी का खतरा बढ़ता है।
रात को सोने से पहले ब्रश न करने पर पूरी रात बैक्टीरिया दांतों पर एसिड बनाते रहते हैं।
रात को बोतल से दूध या मीठे पेय पदार्थ पिलाकर सुलाने से बच्चों के दांत जल्दी खराब होते हैं।
दांत की चिकनी बाहरी सतह पर होती है। यह धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती अवस्था में ठीक की जा सकती है।
दाढ़ों (Back Teeth) की ऊपरी सतह पर खांचों में होती है। यहां खाना आसानी से फंसता है।
दांत की जड़ पर होती है। यह बुजुर्गों में अधिक होती है जब मसूड़े सिकुड़ जाते हैं और जड़ खुल जाती है।
शुरुआत में दर्द नहीं होता, लेकिन जैसे-जैसे कैविटी गहरी होती है, दांत में हल्का से लेकर तेज दर्द होने लगता है।
ठंडा पानी, आइसक्रीम या गर्म चाय पीने पर दांत में झनझनाहट या तेज दर्द होना कैविटी का लक्षण है।
मीठा खाते समय प्रभावित दांत में दर्द होना कैविटी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
दांत पर काले, भूरे या सफेद धब्बे या छेद दिखना कैविटी का स्पष्ट संकेत है।
गंभीर कैविटी में दांत का एक हिस्सा कमजोर होकर टूट सकता है।
कैविटी में बैक्टीरिया जमा होने से सांस में बदबू आ सकती है।

Dentists treat patients' teeth.
अगर कैविटी बहुत शुरुआती अवस्था में पकड़ी जाए तो फ्लोराइड वार्निश या जेल से Enamel को दोबारा मजबूत किया जा सकता है।
यह सबसे आम इलाज है। डेंटिस्ट कैविटी वाले हिस्से को साफ करके उसे Composite Resin, Amalgam या Ceramic से भर देते हैं।
जब कैविटी बड़ी हो और दांत का ज्यादा हिस्सा खराब हो, तो फिलिंग के बजाय Crown लगाया जाता है जो दांत को पूरी तरह ढक देता है।
जब कैविटी Pulp तक पहुंच जाए और दांत में संक्रमण हो जाए, तो Root Canal Treatment किया जाता है। इसमें दांत की अंदरूनी नसें और Pulp हटाकर दांत को साफ और भर दिया जाता है।
जब दांत इतना खराब हो जाए कि बचाया न जा सके, तो उसे निकालना पड़ता है।
सुबह उठकर और रात को सोने से पहले फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश जरूर करें।
ब्रश से दांतों के बीच की सफाई नहीं होती। रोज फ्लॉस करने से यहां जमी गंदगी निकलती है।
चॉकलेट, टॉफी और मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें, खासकर सोने से पहले।
खाने के बाद पानी से कुल्ला करें। यह मुंह से खाने के अवशेष हटाता है।
हर 6 महीने में डेंटिस्ट से जांच कराएं। शुरुआती कैविटी का इलाज आसान और सस्ता होता है।
बच्चों की दाढ़ों पर Dental Sealant लगवाने से कैविटी से बचाव होता है।
दांत की कैविटी जितनी जल्दी पकड़ी जाए, इलाज उतना ही आसान और कम दर्दनाक होता है।
Prakash Hospital में अनुभवी डेंटिस्ट, डिजिटल डेंटल X-ray, पेनलेस फिलिंग, Root Canal Treatment और बच्चों की विशेष डेंटल केयर की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां हर मरीज की जरूरत के अनुसार आरामदायक और प्रभावी उपचार दिया जाता है।
अगर आपको दांत में दर्द, सेंसिटिविटी या कोई अन्य समस्या है, तो आज ही जांच कराएं।
1. क्या कैविटी अपने आप ठीक हो सकती है?
बहुत शुरुआती अवस्था में फ्लोराइड से Enamel को दोबारा मजबूत किया जा सकता है, लेकिन एक बार छेद बन जाए तो यह अपने आप नहीं भरता।
2. क्या कैविटी का इलाज दर्दनाक होता है?
आधुनिक तकनीक और Local Anesthesia से कैविटी का इलाज लगभग दर्दरहित हो गया है।
3. बच्चों के दूध के दांतों में कैविटी का इलाज जरूरी है?
हां, दूध के दांतों की कैविटी का भी इलाज जरूरी है। ये दांत स्थायी दांतों के आने तक बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
4. क्या रात को ब्रश न करने से कैविटी होती है?
हां, रात को ब्रश न करना कैविटी का एक बड़ा कारण है क्योंकि पूरी रात बैक्टीरिया सक्रिय रहते हैं।
5. Root Canal Treatment के बाद दांत कितने समय तक चलता है?
सही देखभाल से Root Canal के बाद दांत कई सालों तक चल सकता है।
6. कैविटी की जांच कितने समय पर करानी चाहिए?
हर 6 महीने में डेंटल चेकअप और X-ray कराना चाहिए।
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