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दांत में कीड़ा लगना (Cavity) क्या है?

Young child touching their cheek in discomfort, showing signs of tooth pain caused by cavities, infection or poor dental hygiene.

Young child touching their cheek in discomfort, showing signs of tooth pain caused by cavities, infection or poor dental hygiene.

दांत में कीड़ा लगना, जिसे मेडिकल भाषा में Dental Cavity या Dental Caries कहते हैं, दुनिया की सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकती है।

दरअसल इसमें कोई वास्तविक कीड़ा नहीं होता — यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें दांत की बाहरी कठोर परत (Enamel) धीरे-धीरे घुलने लगती है और दांत में छेद (Cavity) बन जाता है। अगर समय पर इलाज न हो तो यह दांत की अंदरूनी परतों तक पहुंचकर गंभीर दर्द और संक्रमण का कारण बन सकता है।

इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि दांत में कीड़ा कैसे लगता है, इसके लक्षण क्या हैं, इसका इलाज कैसे होता है और इसे कैसे रोका जा सकता है।

दांत में कीड़ा कैसे लगता है?

कैविटी बनने की प्रक्रिया

दांत में कैविटी बनना एक धीमी प्रक्रिया है

  1. मुंह में मौजूद बैक्टीरिया खाने के अवशेषों (खासकर शक्कर और स्टार्च) पर पनपते हैं।
  2. ये बैक्टीरिया एसिड बनाते हैं।
  3. यह एसिड दांत की ऊपरी परत (Enamel) को घोलने लगता है।
  4. धीरे-धीरे Enamel कमजोर होकर छेद बन जाता है।
  5. अगर इलाज न हो तो यह छेद दांत की दूसरी परत Dentin और फिर Pulp तक पहुंच जाता है।

दांत में कीड़ा लगने के कारण

1. मीठा और स्टार्च युक्त खाना

चॉकलेट, टॉफी, बिस्कुट, ब्रेड और मीठे पेय पदार्थ मुंह में सबसे ज्यादा एसिड बनाते हैं। ये दांतों पर चिपके रहते हैं और बैक्टीरिया को पनपने का मौका देते हैं।

2. ब्रश न करना या गलत तरीके से करना

अगर खाने के बाद दांत ठीक से साफ न किए जाएं तो खाने के अवशेष दांतों पर जमकर Plaque बनाते हैं, जो कैविटी का मुख्य कारण है।

3. कम पानी पीना

पानी मुंह को साफ करता है और Saliva बनाने में मदद करता है। Saliva एसिड को बेअसर करता है। कम पानी पीने से कैविटी का खतरा बढ़ता है।

4. Dry Mouth (मुंह का सूखना)

कुछ दवाइयों और बीमारियों से Saliva कम बनता है। Saliva की कमी से दांतों की सुरक्षा कम हो जाती है।

5. फ्लोराइड की कमी

फ्लोराइड दांतों के Enamel को मजबूत बनाता है। फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट न इस्तेमाल करने से कैविटी का खतरा बढ़ता है।

6. रात को खाना खाकर ब्रश न करना

रात को सोने से पहले ब्रश न करने पर पूरी रात बैक्टीरिया दांतों पर एसिड बनाते रहते हैं।

7. बच्चों में बोतल से दूध पिलाना

रात को बोतल से दूध या मीठे पेय पदार्थ पिलाकर सुलाने से बच्चों के दांत जल्दी खराब होते हैं।

दांत में कैविटी के प्रकार

1. स्मूथ सर्फेस कैविटी (Smooth Surface Cavity)

दांत की चिकनी बाहरी सतह पर होती है। यह धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती अवस्था में ठीक की जा सकती है।

2. पिट और फिशर कैविटी (Pit and Fissure Cavity)

दाढ़ों (Back Teeth) की ऊपरी सतह पर खांचों में होती है। यहां खाना आसानी से फंसता है।

3. रूट कैविटी (Root Cavity)

दांत की जड़ पर होती है। यह बुजुर्गों में अधिक होती है जब मसूड़े सिकुड़ जाते हैं और जड़ खुल जाती है।

दांत में कैविटी के लक्षण

1. दांत में दर्द

शुरुआत में दर्द नहीं होता, लेकिन जैसे-जैसे कैविटी गहरी होती है, दांत में हल्का से लेकर तेज दर्द होने लगता है।

2. ठंडे-गर्म में सेंसिटिविटी

ठंडा पानी, आइसक्रीम या गर्म चाय पीने पर दांत में झनझनाहट या तेज दर्द होना कैविटी का लक्षण है।

3. मीठे में दर्द

मीठा खाते समय प्रभावित दांत में दर्द होना कैविटी का शुरुआती संकेत हो सकता है।

4. दांत में दिखने वाला छेद या काला धब्बा

दांत पर काले, भूरे या सफेद धब्बे या छेद दिखना कैविटी का स्पष्ट संकेत है।

5. दांत का टूटना

गंभीर कैविटी में दांत का एक हिस्सा कमजोर होकर टूट सकता है।

6. सांस में बदबू

कैविटी में बैक्टीरिया जमा होने से सांस में बदबू आ सकती है।

दांत में कैविटी का निदान (Diagnosis)

  • डेंटल एग्जामिनेशन — डेंटिस्ट डेंटल प्रोब से जांच करते हैं
  • डेंटल X-ray — छिपी हुई कैविटी और उसकी गहराई पता लगाने के लिए
  • Transillumination — प्रकाश की मदद से कैविटी देखना
Dentists treat patients' teeth.

Dentists treat patients' teeth.

दांत में कैविटी का इलाज

1. फ्लोराइड ट्रीटमेंट (शुरुआती अवस्था में)

अगर कैविटी बहुत शुरुआती अवस्था में पकड़ी जाए तो फ्लोराइड वार्निश या जेल से Enamel को दोबारा मजबूत किया जा सकता है।

2. फिलिंग (Dental Filling)

यह सबसे आम इलाज है। डेंटिस्ट कैविटी वाले हिस्से को साफ करके उसे Composite Resin, Amalgam या Ceramic से भर देते हैं।

3. क्राउन (Dental Crown)

जब कैविटी बड़ी हो और दांत का ज्यादा हिस्सा खराब हो, तो फिलिंग के बजाय Crown लगाया जाता है जो दांत को पूरी तरह ढक देता है।

4. रूट कैनाल ट्रीटमेंट (Root Canal Treatment)

जब कैविटी Pulp तक पहुंच जाए और दांत में संक्रमण हो जाए, तो Root Canal Treatment किया जाता है। इसमें दांत की अंदरूनी नसें और Pulp हटाकर दांत को साफ और भर दिया जाता है।

5. दांत निकालना (Tooth Extraction)

जब दांत इतना खराब हो जाए कि बचाया न जा सके, तो उसे निकालना पड़ता है।

दांत की कैविटी से बचाव कैसे करें?

1. दिन में दो बार ब्रश करें

सुबह उठकर और रात को सोने से पहले फ्लोराइड टूथपेस्ट से ब्रश जरूर करें।

2. फ्लॉसिंग करें

ब्रश से दांतों के बीच की सफाई नहीं होती। रोज फ्लॉस करने से यहां जमी गंदगी निकलती है।

3. मीठा कम खाएं

चॉकलेट, टॉफी और मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करें, खासकर सोने से पहले।

4. पानी ज्यादा पिएं

खाने के बाद पानी से कुल्ला करें। यह मुंह से खाने के अवशेष हटाता है।

5. नियमित डेंटल चेकअप

हर 6 महीने में डेंटिस्ट से जांच कराएं। शुरुआती कैविटी का इलाज आसान और सस्ता होता है।

6. सीलेंट लगवाएं

बच्चों की दाढ़ों पर Dental Sealant लगवाने से कैविटी से बचाव होता है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

  • दांत में लगातार दर्द हो
  • ठंडे-गर्म में तेज दर्द हो
  • दांत पर काला धब्बा या छेद दिखे
  • मुंह में सूजन या मसूड़ों से खून आए
  • सांस में लगातार बदबू हो

Prakash Hospital में दांत की कैविटी का आधुनिक इलाज

दांत की कैविटी जितनी जल्दी पकड़ी जाए, इलाज उतना ही आसान और कम दर्दनाक होता है।

Prakash Hospital में अनुभवी डेंटिस्ट, डिजिटल डेंटल X-ray, पेनलेस फिलिंग, Root Canal Treatment और बच्चों की विशेष डेंटल केयर की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां हर मरीज की जरूरत के अनुसार आरामदायक और प्रभावी उपचार दिया जाता है।

अगर आपको दांत में दर्द, सेंसिटिविटी या कोई अन्य समस्या है, तो आज ही जांच कराएं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. क्या कैविटी अपने आप ठीक हो सकती है?

बहुत शुरुआती अवस्था में फ्लोराइड से Enamel को दोबारा मजबूत किया जा सकता है, लेकिन एक बार छेद बन जाए तो यह अपने आप नहीं भरता।

2. क्या कैविटी का इलाज दर्दनाक होता है?

आधुनिक तकनीक और Local Anesthesia से कैविटी का इलाज लगभग दर्दरहित हो गया है।

3. बच्चों के दूध के दांतों में कैविटी का इलाज जरूरी है?

हां, दूध के दांतों की कैविटी का भी इलाज जरूरी है। ये दांत स्थायी दांतों के आने तक बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

4. क्या रात को ब्रश न करने से कैविटी होती है?

हां, रात को ब्रश न करना कैविटी का एक बड़ा कारण है क्योंकि पूरी रात बैक्टीरिया सक्रिय रहते हैं।

5. Root Canal Treatment के बाद दांत कितने समय तक चलता है?

सही देखभाल से Root Canal के बाद दांत कई सालों तक चल सकता है।

6. कैविटी की जांच कितने समय पर करानी चाहिए?

हर 6 महीने में डेंटल चेकअप और X-ray कराना चाहिए।

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