खुद से दवा लेना क्यों खतरनाक हो सकता है?

Woman about to take medicine without medical consultation.

चित्र में महिला बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने वाली दिखाई दे रही है, जो स्वयं दवा लेने के खतरे को दर्शाता है।

आज के समय में सिरदर्द, बुखार, खांसी या पेट दर्द जैसी छोटी-सी समस्या होते ही लोग डॉक्टर के पास जाने की बजाय सीधे मेडिकल स्टोर से दवा ले लेते हैं। इंटरनेट पर पढ़ी जानकारी, पुराने प्रिस्क्रिप्शन या किसी परिचित की सलाह के आधार पर दवा लेना आम हो गया है। इसे Self-Medication (खुद से दवा लेना) कहा जाता है।

हालाँकि यह तरीका आसान और समय बचाने वाला लगता है, लेकिन लंबे समय में यह आदत स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। कई बार सही समय पर सही इलाज न मिलने से छोटी समस्या गंभीर बीमारी में बदल जाती है।

खुद से दवा लेना क्या होता है?

जब कोई व्यक्ति:

  • बिना डॉक्टर की सलाह दवा ले
  • पुराना प्रिस्क्रिप्शन दोबारा इस्तेमाल करे
  • किसी और की दवा खुद ले ले
  • इंटरनेट देखकर दवा शुरू कर दे

तो इसे self-medication कहा जाता है।

लोग खुद से दवा क्यों लेने लगते हैं?

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • डॉक्टर के पास जाने में समय की कमी
  • छोटी बीमारी समझकर नज़रअंदाज़ करना
  • मेडिकल स्टोर पर आसानी से दवा मिल जाना
  • खर्च से बचने की सोच
  • पहले भी वही दवा लेने का अनुभव

लेकिन हर बार शरीर की स्थिति एक जैसी नहीं होती।

खुद से दवा लेने के प्रमुख खतरे

1. गलत बीमारी का गलत इलाज

एक ही लक्षण कई बीमारियों में हो सकता है।
जैसे:

  • बुखार: वायरल, बैक्टीरियल, टाइफाइड या डेंगू
  • पेट दर्द: गैस, इंफेक्शन, अपेंडिसाइटिस

गलत दवा लेने से बीमारी दब तो सकती है, लेकिन ठीक नहीं होती और अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है।

2. दवाओं के साइड इफेक्ट्स

हर दवा के कुछ साइड इफेक्ट्स होते हैं। बिना जांच के ली गई दवा:

  • एलर्जी
  • उल्टी, चक्कर
  • पेट और लिवर पर असर
  • किडनी डैमेज
    का कारण बन सकती है।

3. एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस का खतरा

सबसे गंभीर खतरा है Antibiotic Resistance

जब:

  • बिना ज़रूरत एंटीबायोटिक ली जाए
  • पूरा कोर्स पूरा न किया जाए

तो बैक्टीरिया दवा के प्रति प्रतिरोधक बन जाते हैं। आगे चलकर वही दवा असर नहीं करती और गंभीर इंफेक्शन का इलाज मुश्किल हो जाता है।

4. सही डोज़ न लेना

खुद से दवा लेने पर अक्सर:

  • ज़्यादा डोज़ ले ली जाती है
  • या कम मात्रा में दवा ली जाती है

दोनों ही स्थिति नुकसानदायक हैं। ओवरडोज़ से ज़हर जैसा असर हो सकता है, जबकि कम डोज़ से बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती।

5. दूसरी दवाओं से रिएक्शन

अगर व्यक्ति पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहा है (जैसे BP, डायबिटीज, थायरॉइड), तो खुद से ली गई नई दवा:

  • पुरानी दवा के साथ रिएक्शन कर सकती है
  • असर कम या ज़्यादा कर सकती है

यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

बच्चों और बुज़ुर्गों में self-medication ज्यादा खतरनाक क्यों है?

बच्चों में:

  • गलत डोज़ से गंभीर साइड इफेक्ट
  • इम्यून सिस्टम पर असर
  • एलर्जी और पेट की समस्याएं

बुज़ुर्गों में:

  • किडनी और लिवर पहले से कमजोर
  • कई दवाएं एक साथ चल रही होती हैं
  • गिरने और बेहोशी का खतरा

दर्द निवारक दवाओं का गलत इस्तेमाल

दर्द की दवाएं (Painkillers) जैसे कि:

  • सिरदर्द
  • कमर दर्द
  • जोड़ों का दर्द

बार-बार और लंबे समय तक लेने से:

  • गैस और अल्सर
  • किडनी खराब
  • ब्लड प्रेशर बढ़ना
    जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

स्टेरॉइड और हार्मोनल दवाएं – सबसे खतरनाक

कुछ लोग जल्दी राहत के लिए स्टेरॉइड या हार्मोनल दवाएं ले लेते हैं। इनके दुष्प्रभाव:

  • वजन बढ़ना
  • शुगर और BP बढ़ना
  • इम्यूनिटी कमजोर होना
  • हार्मोनल असंतुलन

खुद से दवा लेने के आम उदाहरण

  • बुखार में तुरंत एंटीबायोटिक लेना
  • खांसी में बार-बार सिरप बदलना
  • पेट दर्द में एंटी-एसिड का रोज़ाना सेवन
  • एलर्जी में बिना सलाह दवा लेना

ये सभी आदतें धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुँचाती हैं।

सही इलाज का क्या तरीका होना चाहिए?

1. डॉक्टर से सलाह लें

लक्षण चाहे छोटे हों, लेकिन अगर:

  • 2-3 दिन में ठीक न हों
  • बार-बार हो रहे हों
    तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
Woman consulting a doctor before taking medicine.

चित्र में महिला दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेते हुए दिखाई दे रही है।

2. प्रिस्क्रिप्शन का पालन करें

  • पूरी दवा समय पर लें
  • एंटीबायोटिक कोर्स पूरा करें
  • बिना पूछे दवा बंद न करें

3. पुरानी दवा दोबारा न लें

हर बीमारी और हर समय इलाज अलग हो सकता है।

कब खुद से दवा बिल्कुल न लें?

  • तेज़ बुखार
  • सीने में दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ
  • लगातार उल्टी या दस्त
  • गर्भावस्था में
  • बच्चों और बुज़ुर्गों में

Prakash Hospital में सुरक्षित और सही इलाज

Prakash Hospital में मरीजों को सुरक्षित, वैज्ञानिक और व्यक्तिगत इलाज प्रदान किया जाता है:

  • अनुभवी डॉक्टरों की टीम
  • सटीक जांच और डायग्नोसिस
  • सही दवा और सही डोज़
  • मरीज को दवा की पूरी जानकारी

हम मानते हैं कि सही इलाज की शुरुआत सही सलाह से होती है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या कभी-कभी खुद से दवा लेना ठीक है?
हल्की समस्या में भी डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।

Q2. क्या एंटीबायोटिक बिना प्रिस्क्रिप्शन ले सकते हैं?
नहीं, यह खतरनाक और गलत है।

Q3. पुराने प्रिस्क्रिप्शन का दोबारा उपयोग क्यों गलत है?
क्योंकि बीमारी और शरीर की स्थिति बदल सकती है।

निष्कर्ष

खुद से दवा लेना आसान लग सकता है, लेकिन इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। गलत दवा, गलत डोज़ और गलत समय पर लिया गया इलाज आपके शरीर को लंबे समय तक नुकसान पहुँचा सकता है।

इसलिए याद रखें
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा नहीं, क्योंकि आपकी सेहत सबसे ज़रूरी है।

Share:

copy iconCopy
Banner Background
Prakash Hospital Doctor

Don't Let Your Health Take a Backseat!

Schedule an appointment with one of our experienced medical professionals today!

logo

Prakash Hospital Pvt. Ltd. is a 100 bedded NABH NABL accredited multispecialty hospital along with a center of trauma and orthopedics. We are in the service of society since 2001.

Contact Us

D – 12A, 12B, Sector-33, G. B. Nagar, Noida, Uttar Pradesh 201301

+91-8826000033

NABH LOGO
NABL LOGO

© 2026 All rights reserved.

Designed and Developed by Zarle Infotech

FacebookInstagramLinkedInX (Twitter)YouTube