मोतियाबिंद क्या है? (What is Cataract in Hindi)

Woman at eye clinic for eye check-up.

आंखों की जांच के लिए आई हुई महिला।

मोतियाबिंद, जिसे अंग्रेज़ी में Cataract कहा जाता है, आंखों की एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। इस स्थिति में आंख का लेंस धीरे-धीरे धुंधला (cloudy) होने लगता है, जिससे साफ दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो मोतियाबिंद धीरे-धीरे देखने की क्षमता को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है।

मोतियाबिंद ज़्यादातर उम्र बढ़ने के साथ होता है, लेकिन आजकल यह समस्या युवाओं और यहां तक कि बच्चों में भी देखी जा रही है।

आंख का लेंस कैसे काम करता है?

आंख का लेंस एक पारदर्शी (transparent) संरचना होती है जो आंख में आने वाली रोशनी को रेटिना पर फोकस करती है।
जब यह लेंस साफ होता है, तो हमें चीजें स्पष्ट दिखाई देती हैं।
लेकिन जब लेंस धुंधला होने लगता है, तब:

  • रोशनी सही से अंदर नहीं जा पाती
  • इमेज धुंधली दिखाई देती है
  • रंग फीके लगने लगते हैं

इसी स्थिति को मोतियाबिंद कहा जाता है।

मोतियाबिंद के लक्षण (Symptoms of Cataract)

मोतियाबिंद के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं। शुरुआत में व्यक्ति को ज्यादा परेशानी नहीं होती, लेकिन समय के साथ लक्षण बढ़ने लगते हैं।

आम लक्षण:

  • धुंधला या धुंआ-सा दिखाई देना
  • रोशनी में देखने में परेशानी
  • रात में गाड़ी चलाने में दिक्कत
  • आंखों के सामने glare या halo दिखना
  • रंगों का फीका दिखना
  • बार-बार चश्मे का नंबर बदलना
  • दोहरी तस्वीर (double vision) दिखना

⚠️ ध्यान दें: मोतियाबिंद में आमतौर पर दर्द नहीं होता, इसलिए कई लोग इसे नजरअंदाज़ कर देते हैं।

मोतियाबिंद क्यों होता है? (Causes of Cataract)

मोतियाबिंद के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें उम्र सबसे प्रमुख कारण है।

मुख्य कारण:

  • बढ़ती उम्र (Age-related cataract)
  • डायबिटीज (Diabetes)
  • आंख पर चोट या सर्जरी
  • ज्यादा समय तक धूप में रहना
  • धूम्रपान और शराब का सेवन
  • लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल
  • जेनेटिक कारण
  • जन्म से मौजूद मोतियाबिंद (Congenital cataract)

मोतियाबिंद के प्रकार (Types of Cataract)

मोतियाबिंद को उसकी स्थिति और कारणों के आधार पर अलग-अलग प्रकारों में बांटा जाता है:

1. न्यूक्लियर मोतियाबिंद

यह लेंस के बीच के हिस्से में होता है और उम्र के साथ ज्यादा देखने को मिलता है।

2. कॉर्टिकल मोतियाबिंद

लेंस के किनारों से शुरू होकर धीरे-धीरे बीच की ओर बढ़ता है।

3. पोस्टेरियर सबकैप्सुलर मोतियाबिंद

यह तेजी से बढ़ता है और पढ़ने या तेज रोशनी में ज्यादा परेशानी देता है।

4. जन्मजात मोतियाबिंद

यह बच्चों में जन्म से या बचपन में पाया जाता है।

मोतियाबिंद की जांच कैसे होती है?

मोतियाबिंद की पहचान के लिए आंखों की सामान्य जांच ही काफी होती है। डॉक्टर कुछ विशेष टेस्ट करते हैं, जैसे:

  • Vision test
  • Slit lamp examination
  • Retinal examination
  • Eye pressure test

समय पर जांच से मोतियाबिंद का सही इलाज संभव है।

क्या दवाओं से मोतियाबिंद ठीक हो सकता है?

यह एक बहुत आम सवाल है।
साफ शब्दों में कहा जाए तो – नहीं।

  • कोई भी दवा, ड्रॉप या घरेलू उपाय मोतियाबिंद को खत्म नहीं कर सकता
  • शुरुआती चरण में चश्मा मदद कर सकता है
  • लेकिन स्थायी इलाज सिर्फ सर्जरी है

मोतियाबिंद का इलाज (Cataract Treatment)

मोतियाबिंद सर्जरी क्या है?

मोतियाबिंद की सर्जरी में आंख के धुंधले लेंस को निकालकर उसकी जगह Artificial Intraocular Lens (IOL) लगाया जाता है।

आजकल यह सर्जरी:

  • सुरक्षित
  • दर्द रहित
  • कम समय में पूरी होने वाली
  • Day-care procedure

है।

Eye drops being applied to a man's eyes.

पुरुष की आंखों में दवा की बूंदें डाली जा रही हैं।

आधुनिक सर्जरी तकनीकें:

  • Phacoemulsification
  • Micro incision cataract surgery
  • Foldable IOL implantation

सर्जरी के बाद क्या सावधानियां ज़रूरी हैं?

  • डॉक्टर द्वारा दी गई eye drops नियमित डालें
  • आंखों को रगड़ने से बचें
  • धूल-मिट्टी से दूरी रखें
  • कुछ दिनों तक भारी काम न करें
  • Follow-up visits ज़रूर करें

क्या मोतियाबिंद से बचाव संभव है?

पूरी तरह से बचाव संभव नहीं है, लेकिन जोखिम कम किया जा सकता है:

  • संतुलित आहार लें
  • धूप में sunglasses पहनें
  • डायबिटीज कंट्रोल रखें
  • धूम्रपान से बचें
  • नियमित eye check-up कराएं

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर आपको:

  • लगातार धुंधला दिख रहा है
  • रात में देखने में परेशानी है
  • चश्मा बार-बार बदलना पड़ रहा है

तो बिना देरी किए आंखों के विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Prakash Hospital में मोतियाबिंद का इलाज

Prakash Hospital में अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तकनीक से मोतियाबिंद की जांच और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। यहां मरीजों को सुरक्षित इलाज, उन्नत उपकरण और व्यक्तिगत देखभाल प्रदान की जाती है, जिससे बेहतर और तेज़ रिकवरी संभव हो पाती है।

Share:

copy iconCopy

Meet Our Expert Doctors

Read Other Blogs

Banner Background
Prakash Hospital Doctor

Don't Let Your Health Take a Backseat!

Schedule an appointment with one of our experienced medical professionals today!

logo

Prakash Hospital Pvt. Ltd. is a 100 bedded NABH NABL accredited multispecialty hospital along with a center of trauma and orthopedics. We are in the service of society since 2001.

Contact Us

D – 12A, 12B, Sector-33, G. B. Nagar, Noida, Uttar Pradesh 201301

+91-8826000033

NABH LOGO
NABL LOGO

© 2026 All rights reserved.

Designed and Developed by Zarle Infotech

FacebookInstagramLinkedInX (Twitter)YouTube