
ओवेरियन सिस्ट महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है, जिसमें अंडाशय (Ovary) के अंदर या उसकी सतह पर तरल पदार्थ (fluid) से भरी थैली बन जाती है। कई मामलों में यह सिस्ट बिना किसी लक्षण के अपने आप ठीक भी हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह दर्द, अनियमित पीरियड्स और अन्य जटिल समस्याओं का कारण बन सकती है।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि ओवेरियन सिस्ट क्या है, यह क्यों होता है, इसके प्रकार क्या हैं, लक्षण कैसे पहचानें और इसका इलाज कैसे किया जाता है।
ओवेरियन सिस्ट एक तरल से भरी थैली (fluid-filled sac) होती है जो अंडाशय के अंदर या उसकी सतह पर बनती है।
महिलाओं के शरीर में हर महीने ओव्यूलेशन (ovulation) की प्रक्रिया होती है, जिसमें अंडा रिलीज होता है। कई बार इस प्रक्रिया में बदलाव होने पर सिस्ट बन सकती है।
अधिकतर सिस्ट हार्मोनल बदलाव के कारण होती हैं और कुछ समय बाद खुद ही खत्म हो जाती हैं, लेकिन कुछ सिस्ट बड़ी होकर परेशानी पैदा कर सकती हैं।
यह सबसे आम प्रकार की सिस्ट होती है और मासिक धर्म चक्र के दौरान बनती है।
फॉलिक्युलर सिस्ट तब बनती है जब फॉलिकल से अंडा रिलीज नहीं हो पाता। वहीं कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट तब बनती है जब फॉलिकल टूटने के बाद बंद नहीं होता।
ये सिस्ट अक्सर कुछ हफ्तों या महीनों में अपने आप ठीक हो जाती हैं और ज्यादा खतरनाक नहीं होतीं।
इस प्रकार की सिस्ट में बाल, त्वचा या फैट जैसे टिशू भी हो सकते हैं।
यह जन्म से मौजूद हो सकती है और धीरे-धीरे बढ़ती है। कई बार यह बड़ी होकर दर्द और दबाव पैदा कर सकती है, इसलिए इसे सर्जरी से हटाने की जरूरत पड़ सकती है।
यह सिस्ट एंडोमेट्रियोसिस नामक स्थिति से जुड़ी होती है।
इसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी टिशू अंडाशय पर बन जाती है, जिससे खून और दर्द से भरी सिस्ट बनती है। यह अक्सर पीरियड्स के दौरान तेज दर्द का कारण बनती है।
यह सिस्ट अंडाशय की बाहरी परत से बनती है और इसमें पानी या म्यूकस जैसा पदार्थ भरा हो सकता है।
यह कभी-कभी काफी बड़ी हो सकती है और पेट में सूजन या भारीपन महसूस करा सकती है।
महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ने पर सिस्ट बनने की संभावना बढ़ जाती है। यह सबसे आम कारणों में से एक है, खासकर अनियमित पीरियड्स वाली महिलाओं में।
ओव्यूलेशन के दौरान अगर अंडा सही तरीके से रिलीज नहीं होता, तो फॉलिकल बढ़कर सिस्ट बन सकता है। यह प्रक्रिया अक्सर बिना किसी गंभीर बीमारी के भी हो सकती है।
इस स्थिति में गर्भाशय की परत जैसी टिशू बाहर अंडाशय पर बढ़ने लगती है। इससे दर्दनाक और ब्लड से भरी सिस्ट बन सकती है, जो लंबे समय तक परेशानी देती है।
कुछ मामलों में शुरुआती प्रेग्नेंसी के दौरान भी फंक्शनल सिस्ट बन सकती है। ये आमतौर पर खुद ही ठीक हो जाती हैं और ज्यादा चिंता की बात नहीं होती।
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) जैसे संक्रमण भी अंडाशय को प्रभावित कर सकते हैं और सिस्ट बनने का कारण बन सकते हैं।
ओवेरियन सिस्ट का सबसे आम लक्षण पेट के निचले हिस्से में दर्द है। यह दर्द हल्का भी हो सकता है और कभी-कभी बहुत तेज भी। कई बार यह दर्द एक तरफ ज्यादा महसूस होता है, जहां सिस्ट मौजूद होती है।

सिस्ट हार्मोन को प्रभावित करती है, जिससे पीरियड्स समय पर नहीं आते या बहुत ज्यादा/कम हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में पीरियड्स के बीच स्पॉटिंग भी देखी जाती है।
बड़ी सिस्ट पेट में फुलाव या भारीपन का एहसास करा सकती है। कई बार यह लक्षण गैस या अपच जैसा लग सकता है, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
अगर सिस्ट बड़ी हो जाए तो यह ब्लैडर पर दबाव डाल सकती है। इससे बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है, खासकर रात के समय।
कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान या इंटरकोर्स के समय तेज दर्द महसूस हो सकता है। यह संकेत हो सकता है कि सिस्ट एक्टिव है या बड़ी हो रही है।
डॉक्टर सिस्ट का पता लगाने के लिए कुछ जांच करते हैं:
अल्ट्रासाउंड से सिस्ट का आकार, प्रकार और स्थिति आसानी से पता चल जाती है।
अगर सिस्ट छोटी और बिना लक्षण की है, तो डॉक्टर इसे कुछ समय तक केवल मॉनिटर करते हैं। अधिकतर फंक्शनल सिस्ट अपने आप ठीक हो जाती हैं, इसलिए तुरंत इलाज की जरूरत नहीं होती।
हार्मोनल बैलेंस को सुधारने के लिए दवाइयां दी जा सकती हैं। ये सिस्ट को बढ़ने से रोकने और लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।
अगर सिस्ट बड़ी हो, दर्द दे रही हो या कैंसर का संदेह हो, तो सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। आजकल ज्यादातर मामलों में लैप्रोस्कोपी (छोटी सर्जरी) से इसे हटाया जाता है।
ओवेरियन सिस्ट जैसी समस्याओं में सही समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है।
Prakash Hospital में अनुभवी गायनेकोलॉजिस्ट और आधुनिक अल्ट्रासाउंड सुविधाओं के साथ महिलाओं की हर स्वास्थ्य समस्या का सही निदान और इलाज किया जाता है। यहां आपको सुरक्षित और पर्सनलाइज्ड केयर मिलती है।
समय पर जांच कराएं और अपनी हेल्थ को सुरक्षित रखें।
ज्यादातर सिस्ट harmless होती हैं और अपने आप ठीक हो जाती हैं।
छोटी सिस्ट आमतौर पर असर नहीं डालती, लेकिन बड़ी सिस्ट समस्या कर सकती है।
हां, कई फंक्शनल सिस्ट अपने आप ठीक हो जाती हैं।
नहीं, कई सिस्ट बिना किसी लक्षण के होती हैं।
सिर्फ बड़े या जटिल मामलों में।
हां, हेल्दी लाइफस्टाइल और हार्मोन बैलेंस मदद करता है।
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